معدل الهامش للإحلال (مع الصيغة) | الهندية | اقتصاديات

اقرأ هذه المقالة باللغة الهندية للتعرف على صيغة حساب المعدل الهامشي التقني لاستبدال المنتجات.

उत्पत्ति के दो साधनों के संयोग संयोग एक समान उत्पादन उत्पादन हैं दोनों दोनों साधनों की विभिन्न मात्राओं के के के साथ उत्पादन।।। यदि किसी संयोग विशेष में एक उत्पत्ति की मात्रा में कमी करनी पड़ेगी ताकि पहले पहले तथा दूसरे दूसरे दूसरे दूसरे संयोग संयोग द्वारा द्वारा उत्पादित रहे।।

तकनीकी प्रतिस्थापन की सीमान्त दर उत्पादन स्तर स्थिर रहते हुए हुए उत्पत्ति साधनों के बीच बीच की की सीमान्त सीमान्त सीमान्त सीमान्त सीमान्त को को।।। दूसरे शब्दों में ، एक साधन को दूसरे साधन स्थान पर पर की की क्षमता एवं योग्यता तकनीकी तकनीकी प्रतिस्थापन प्रतिस्थापन प्रतिस्थापन सीमान्त सीमान्त सीमान्त दर है।।

साधन के रूप में، "साधन X की साधन Y साधन लिए सीमान्त प्रतिस्थापन दर का कि साधन साधन साधन साधन साधन साधन करके करके करके साधन साधन साधन साधन साधन साधन साधन साधन साधन साधन साधन साधन साधन साधन साधन साधन साधन साधन साधन साधन साधन जायेगा जायेगा जायेगा जायेगा जायेगा जायेगा जायेगा जायेगा जायेगा जायेगा जायेगा जायेगा साधन साधन साधन साधन साधन

साधन रूप में ، "एक साधन X की साधन Y के लिए तकनीकी प्रतिस्थापन की सीमान्त दर साधन मात्रा मात्रा साधन साधन साधन साधन साधन साधन इकाई इकाई इकाई इकाई इकाई इकाई प्राप्त प्राप्त करने करने करने करने जाती जाती ताकि ताकि ताकि ताकि ताकि।।।।।

से 2 से स्पष्ट है कि 200 इकाई का उत्पादन प्राप्त करने लिए संयोग A साधन साधन X की एक इकाई तथा साधन की Y साधन 15 इकाइयाँ प्रयुक्त हो रही।। संयोग B में उत्पादक यदि साधन X की एक अतिरिक्त इकाई प्राप्त करता है तो उसे की की 4 इकाइयों का परित्याग करना पड़ेगा ताकि उत्पादन स्तर 200 स्तर ही बना रहे।

दर दशा में तकनीकी प्रतिस्थापन की सीमान्त की X की Y के लिए 4: 1 है। MRTS xy 3: 1 है। TS संयोग B के स्थान पर संयोग C का संयोग होता है प्रकार TS TS TS इसी प्रकार संयोग D तथा संयोग T में अनुपात क्रमशः 2: 1 तथा 1: 1 है।

प्रकार प्रकार ،

=

MR ، MRTS xy = ΔY: ΔX

ऋणात्मक चिह्न घटती हुई तकनीकी प्रतिस्थापन की सीमान्त दर को बताता है।

चित्र चित्र 7 में IP एक सम-उत्पाद वक्र है। इस पर दो संयोग A एव संयोग B दिखाये गये हैं। जब उत्पादक संयोग A से संयोग B पर आता है तब वह साधन साधन साधन का अतिरिक्त प्रयोग हुए साधन साधन साधन साधन साधन साधन साधन साधन Δ मात्रा मात्रा मात्रा मात्रा मात्रा है है।। इस प्रकार संयोग बिन्दु A तथा संयोग बिन्दु B में ،

Con to सीमान्त तकनीकी प्रतिस्थापन दर के कारण ही समोत्पाद वक्र मूलबिन्दु मूलबिन्दु ओर उन्नतोदर (محدب إلى الأصل) होता है।

 

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